बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक लेकर नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

बैठक में BNSS और BNS के तहत कार्रवाई, न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, CCTNS और विभिन्न आईटी पोर्टल के शत-प्रतिशत उपयोग, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल साक्ष्य संकलन की समीक्षा की गई। आईजी ने थानों में लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर पर लाने और पुराने प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। BNSS के तहत 60 और 90 दिन की निर्धारित समय-सीमा में चालान अथवा खात्मा पेश करने के लिए राजपत्रित अधिकारियों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।

डिजिटल व्यवस्था पर जोर

आईजी ने पुलिस कार्यप्रणाली में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए MedLEaPR के माध्यम से डिजिटल एमएलआर और पीएमआर, आधार आधारित ई-साइन, ई-साक्ष्य, ई-फॉरेंसिक और ई-मालखाना व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। जब्ती माल को ई-फॉरेंसिक के माध्यम से भेजने तथा ई-मालखाने में बारकोड आधारित पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। CCTNS में IIF-1 से IIF-11 तक के इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म और ग्राम अपराध नोटबुक की प्रविष्टियां राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।

NDPS मामलों में प्रक्रियात्मक गलती नहीं चलेगी

मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में कार्रवाई के दौरान प्रक्रियात्मक त्रुटियों को रोकने के लिए आईजी ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रभारी अथवा प्रशिक्षित अधिकारी की मौके पर मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। तस्करी में इस्तेमाल वाहनों की सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री तैयार करने और आदतन तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के लिए PIT-NDPS और SAFEMA के तहत ठोस प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

गो-तस्करी के संगठित गिरोहों पर कार्रवाई

गो-तस्करी के मामलों में केवल वाहन या आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहते हुए पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच करने पर जोर दिया गया। अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच, आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, उनकी संपत्ति अटैच करने तथा जब्त वाहनों के त्वरित राजसात और सार्वजनिक नीलामी के लिए कलेक्टर कोर्ट से समन्वय करने के निर्देश दिए गए। अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़े मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग करने को भी कहा गया।

लापरवाही पर तय होगी सीधी जवाबदेही

आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्पष्ट किया कि CCTNS और आईटी पोर्टल के उपयोग में शिथिलता, विवेचना में गंभीर त्रुटियों के कारण होने वाली दोषमुक्ति और चालान पेश करने की वैधानिक समय-सीमा का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के पुलिस अधिकारी तथा रेंज कार्यालय और ANTF के अधिकारी उपस्थित रहे।