नरक चतुर्दशी पर घरों में जले दीप, बाजारों में रही रौनक; शाम 6:09 से 8:07 बजे तक महालक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त

बिलासपुर। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर शनिवार को रूप चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली मनाई गई। घरों में परंपरा के अनुसार 5, 11 और 21 दीपक जलाए गए। बाजारों में भी सुबह से शाम तक खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। अब रविवार, 8 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। इस बार दीपावली पर 8 शुभ योगों का संयोग बन रहा है। घरों से लेकर मंदिरों तक मां महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार शाम 6:09 से 8:07 बजे तक वृषभ स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

रविवार सुबह 11:27 बजे अमावस्या तिथि शुरू होगी। दीपावली पर भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ बही-खाता और तिजोरी का पूजन भी किया जाएगा। रात में श्री यंत्र स्थापना, कुबेर पूजन और लक्ष्मी मंत्र जाप का भी विधान है। पूजा के लिए निशीथ काल रात 8:14 से 10:52 बजे तक और महानिशीथ काल रात 10:52 से 1:31 बजे तक रहेगा।

मंदिरों में विशेष पूजा और अनुष्ठान

शहर के मंदिरों में दीपावली के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। सिम्स चौक स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर में भगवान का रानी रंग के वस्त्रों से विशेष श्रृंगार होगा। मां लक्ष्मी को साल में केवल एक बार निकाले जाने वाले हीरे के दो विशेष हार पहनाए जाएंगे। सदर बाजार स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर में श्रद्धालु कागज पर अपनी मनोकामनाएं लिखकर दान पेटी में डालेंगे। अगले दिन पंडित इन चिट्ठियों को मां लक्ष्मी को पढ़कर सुनाएंगे।

रतनपुर के प्राचीन लखनी देवी मंदिर में मां को 1001 कमल फूल अर्पित किए जाएंगे और 56 भोग लगाया जाएगा। मंदिर में 1100 दीपों से आरती की भी विशेष तैयारी है। मंदिर की बनावट पुष्पक विमान जैसी है और गर्भगृह में श्रीयंत्र स्थापित है।

रेलवे क्षेत्र स्थित बंगाली एसोसिएशन कालीबाड़ी में 103 साल पुरानी परंपरा के अनुसार मां काली की पूजा होगी। पूजा की शुरुआत रात 9 बजे होगी और रात 1 बजे पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। श्रद्धालु मां के दर्शन, पुष्पांजलि और प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। पूजा समिति के सचिव उत्तम डे ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पीतांबरा पीठ में दो दिन श्री सूक्त महाहवन

सुभाष चौक, सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में 8 और 9 नवंबर को विशेष श्री सूक्त महाहवन होगा। पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज के अनुसार मां महालक्ष्मी की कृपा और सर्वसमृद्धि की कामना से होने वाले इस वैदिक अनुष्ठान में ऋग्वेदोक्त श्री सूक्त के 16 मंत्रों का प्रतिदिन 108 बार प्रयोग किया जाएगा। श्री सूक्त मंत्रों से आहुति देने की परंपरा सुख-समृद्धि, धन-धान्य और ऐश्वर्य की कामना से जुड़ी है।

तिफरा स्थित काली मंदिर में रविवार शाम 6 से रात 8:30 बजे तक काली और लक्ष्मी पाठ, हवन, आरती और भोग का आयोजन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। शहर के अन्य मंदिरों में भी मां लक्ष्मी और मां काली की विशेष आराधना होगी।

लक्ष्मी पूजन के प्रमुख मुहूर्त

ज्योतिषीय गणना के अनुसार दीपावली पर वृषभ, मिथुन और सिंह लग्न में पूजा के विशेष मुहूर्त बताए गए हैं। वृषभ लग्न शाम 6:09 से 8:07 बजे तक रहेगा। इसे परिवार के साथ लक्ष्मी-कुबेर पूजन के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मिथुन लग्न रात 7:47 से 10 बजे तक रहेगा। यह समय विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और पत्रकारिता से जुड़े लोगों के लिए विशेष बताया गया है। सिंह लग्न रात 12:15 से 2:25 बजे तक रहेगा, जिसे व्यापारियों और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल माना गया है। चौघड़िया मुहूर्त में शाम 5:23 से रात 10:11 बजे तक शुभ, अमृत और चर के संयोग रहेंगे।

पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज के अनुसार दीपावली पर हंस, मालव्य, पंचमहापुरुष, आयुष्मान, सौभाग्य, बुधादित्य और ध्वज योग सहित 8 शुभ योगों का संयोग बन रहा है। इस दिन राहु प्रधान स्वाति नक्षत्र भी रहेगा। मान्यताओं के अनुसार इन योगों को सुख, समृद्धि और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे संयोग में लक्ष्मी-कुबेर पूजन का विशेष महत्व है।

अमावस्या के कारण गोवर्धन पूजा की तारीख में अंतर

इस बार अमावस्या तिथि दो दिन रहने के कारण गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव अलग-अलग तारीखों पर होंगे। अमावस्या 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। 9 नवंबर को सोमवती अमावस्या होने से स्नान, दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व रहेगा।

व्यंकटेश मंदिर में 9 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 10 बजे से भजन-कीर्तन होगा। दोपहर 12 बजे भगवान की महाआरती और स्तोत्रपाठ के बाद प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन होगा। भगवान को इमली की कढ़ी, महाप्रसाद सहित विभिन्न पकवानों और सभी भाजियों-सब्जियों का भोग लगाया जाएगा।

वहीं भोपा बाबा मंदिर, हरदेव लाल मंदिर और पीतांबरा पीठ सहित शहर के अधिकांश मंदिरों में 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव होगा। इसी दिन तिफरा काली मंदिर में गोबर से गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की आकृति बनाकर फूल, रोली, चंदन और अक्षत से सजाया जाएगा। ठाकुरजी को खीर, पूड़ी, बताशा, दही और मिठाई का भोग लगाया जाएगा।

10 नवंबर को ग्राम खैरा की ऐतिहासिक जगशाला में यादव समाज का पारंपरिक उत्सव भी होगा। इस दौरान दूध वितरण और सामूहिक भोज का आयोजन किया जाएगा। भाई दूज 11 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन कायस्थ समाज भगवान चित्रगुप्त की पूजा के साथ कलम-दवात का पूजन करेगा।