कलेक्टर ने गठित की जांच कमेटी, छत्तीसगढ़ में 6,68,830 संदिग्ध राशनकार्ड चिन्हित

बिलासपुर। जिले में 69,562 संदिग्ध राशनकार्डों और इनमें दर्ज सदस्यों का अब घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ब्लॉक और निकायवार जांच दल गठित कर दिए हैं। राज्यभर में कुल 6,68,830 संदिग्ध राशनकार्ड चिन्हित किए गए हैं, जिनमें बिलासपुर जिले के 69,562 कार्ड शामिल हैं।

सत्यापन के दौरान राशनकार्डधारी के घर पर मौजूद होने की स्थिति में कार्ड के मुखिया और सदस्यों के आधार नंबर, निवास पता और अन्य संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। जांच दलों को 3 अक्टूबर तक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट खाद्य शाखा में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अपात्र और डुप्लीकेट राशनकार्डों की जानकारी आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके बाद 10 अक्टूबर तक अपात्र राशनकार्डों को डेटाबेस से निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

निगम के 8 जोन में राजस्व निरीक्षक करेंगे जांच

नगर निगम के जोन 1 से 8 तक संबंधित वार्ड के राजस्व निरीक्षक और जोन के राशनकार्ड प्रभारी को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर पालिका और नगर पंचायतों में संबंधित वार्ड के राजस्व निरीक्षक और राशनकार्ड प्रभारी घर-घर जाकर जांच करेंगे।

वहीं बिल्हा, कोटा, तखतपुर और मस्तूरी विकासखंड में ग्राम पंचायतों के करारोपण अधिकारी और पंचायत सचिवों को सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। जांच में राशनकार्ड में दर्ज सदस्यों की वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। अपात्र या डुप्लीकेट पाए जाने वाले कार्डों को सत्यापन के बाद निरस्त किया जाएगा।