रतनपुर में जमीन सौदे के नाम पर धोखाधड़ी, थाने और एसएसपी कार्यालय से नहीं मिली राहत तो पीड़ित ने खटखटाया न्यायालय का दरवाजा
बिलासपुर। जमीन बेचने का सौदा कर 6 लाख रुपए लेने के बाद उसी जमीन को दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। रतनपुर के इस मामले में पीड़ित ने पहले थाने और एसएसपी कार्यालय में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। कोटा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीप्ति बरवा के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भैरव बाबा मंदिर के पास रहने वाले लोकेश्वर तिवारी (62) ने न्यायालय में धारा 156(3) के तहत परिवाद पेश किया था। उनके अनुसार करैहापारा निवासी रजाउल रजा (22) ने ग्राम मालीबाड़ी स्थित अपनी 3480 वर्गफीट जमीन, खसरा नंबर 3533/5 को बेचने के लिए 6 लाख रुपए में सौदा तय किया था। 23 अगस्त 2022 को नोटरी के समक्ष इकरारनामा तैयार हुआ। इसके तहत लोकेश्वर ने 75 हजार रुपए नकद और शेष 5.25 लाख रुपए एचडीएफसी बैंक के चेक से भुगतान किए।
पूरी रकम मिलने के बाद भी आरोपी जमीन की रजिस्ट्री कराने में टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर लोकेश्वर ने राजस्व अभिलेखों की जांच कराई तो पता चला कि आरोपी ने 20 अक्टूबर 2022 को वही जमीन हकीम खान, नादिर शाह और सैय्यद निजाम अली के नाम पर बेचकर उनका नामांतरण भी करा दिया था। इस तरह जमीन का सौदा करने के बाद उसे दूसरे लोगों के नाम बेचने का आरोप सामने आया।
थाने से एसएसपी कार्यालय तक लगाई गुहार
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत रतनपुर थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने इसे आपसी लेनदेन और राजस्व विवाद का मामला बताकर कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसएसपी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। आखिरकार पीड़ित ने न्यायालय में परिवाद पेश किया।
न्यायालय ने प्रस्तुत इकरारनामा, बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद रतनपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।