बिलासपुर। जिले में लगातार पांच दिन बैंक शाखाएं बंद रहने का संकट फिलहाल टल गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 22 सितंबर को जारी निर्देश के अनुसार 27 सितंबर रविवार को जिले की सभी बैंक शाखाएं खुलेंगी। इसके अगले दिन से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर 28, 29 और 30 सितंबर को 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है।

पहले 26 सितंबर को चौथे शनिवार और 27 सितंबर को रविवार का अवकाश था। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल के कारण लगातार पांच दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी। आरबीआई के फैसले से जिले के करीब 31 लाख 5 हजार 622 खाताधारकों को हड़ताल शुरू होने से पहले जरूरी बैंकिंग काम निपटाने के लिए एक अतिरिक्त दिन मिल गया है।

जिले में 37 बैंकों की 287 शाखाएं और 311 एटीएम हैं। एसबीआई के डीजीएम आलोक रंजन ने बताया कि 27 सितंबर को सभी बैंकों की शाखाएं खुलेंगी और सामान्य दिनों की तरह बैंकिंग कार्य होंगे। हड़ताल के बाद 1 अक्टूबर को भी बैंक सामान्य रूप से खुलेंगे और ग्राहकों के लंबित कार्यों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।

क्वार्टर क्लोजिंग के बीच रोजाना 150-200 करोड़ के लेन-देन पर असर

ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बिलासपुर के मंडल सचिव एवं एआईबीओसी के छत्तीसगढ़ प्रदेश उपाध्यक्ष गजानन राठौर ने बताया कि जिले की बैंक शाखाओं में प्रतिदिन करीब 150 से 200 करोड़ रुपए का वित्तीय लेन-देन होता है। हड़ताल का असर व्यापारिक भुगतान, मंथली और हाफ ईयरली क्लोजिंग से जुड़े कामों पर पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि सितंबर का अंतिम सप्ताह बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान ऑडिट, बैलेंस शीट, व्यापारिक भुगतान और अन्य वित्तीय प्रक्रियाएं चलती हैं। ऐसे में हड़ताल से इन कामों पर असर पड़ने की आशंका है।

शाखाएं बंद रहेंगी, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चलती रहेंगी

बैंकर्स क्लब बिलासपुर के समन्वयक ललित अग्रवाल ने बताया कि हड़ताल के दौरान शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहेंगी, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग एजेंटों की सेवाएं भी चालू रहेंगी।

हड़ताल के दौरान चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी काउंटर, डिमांड ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, लोन डॉक्यूमेंटेशन और केवाईसी से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वहीं यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम), ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) और एईपीएस सेवाएं चालू रहेंगी।

5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर हड़ताल

यूएफबीयू लंबे समय से सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है। यूनियन के अनुसार मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए द्विपक्षीय वेतन समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश देने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है।

22 सितंबर को हुई सुलह वार्ता भी बेनतीजा रहने के बाद यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल का फैसला बरकरार रखा है।

क्या है यूएफबीयू?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के 9 प्रमुख संगठनों का संयुक्त मंच है। यह वेतन समझौते, 5 दिन बैंकिंग, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और आईबीए के साथ बातचीत करता है तथा मांगों पर सहमति नहीं बनने पर संयुक्त आंदोलन करता है।