
दोबारा गिरफ्तारी के आदेश को दी थी चुनौती, कोर्ट से राहत नहीं; पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया
रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से गैंगस्टर के नाम पर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में शोएब ढेबर को कोर्ट से राहत नहीं मिली। न्यायाधीश अमित राठौर की अदालत ने उसकी दोबारा गिरफ्तारी के आदेश के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सीजेएम का दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति देने वाला आदेश अंतरवर्ती आदेश है और बीएनएसएस की धारा 438(2) के तहत इसके खिलाफ पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इससे पुलिस के लिए शोएब को दोबारा गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हो गया है।
पुलिस के अनुसार, कोर्ट से रिहाई के बाद से शोएब फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। उसके राज्य या देश से बाहर चले जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
चार आईफोन जब्त, पासवर्ड नहीं दे रहा पुलिस को
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान चार आईफोन जब्त किए हैं। पुलिस का आरोप है कि शोएब जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और मोबाइल का पासवर्ड भी नहीं दे रहा। पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इससे जांच प्रभावित होने और साक्ष्य नष्ट किए जाने की आशंका है। तकनीकी जांच में होटल के सुरक्षा गार्ड के नाम पर जारी सिम से शोएब द्वारा विदेशी वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है।
पुलिस के मुताबिक, अमन गैंग के नाम पर आनंद कुकरेजा को धमकी देकर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले की तकनीकी जांच में शोएब की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद उसे 27 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना नहीं देने के आधार पर अवकाशकालीन मजिस्ट्रेट ने उसे रिहा कर दिया था।
रिहाई के बाद पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। सीजेएम ने अनुमति दे दी, जिसे शोएब ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। अब पुनरीक्षण याचिका खारिज होने के बाद पुलिस उसकी दोबारा गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर सकती है।