बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम दर्राभाठा में हुई लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी की चोरी का सीपत पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 7.66 ग्राम सोने के जेवर और 361 ग्राम चांदी के जेवर शत-प्रतिशत बरामद कर लिए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम दर्राभाठा निवासी सनत कुमार रात्रे 24 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे रोज की तरह काम के लिए एनटीपीसी सीपत चले गए थे। करीब 8.30 बजे उनकी पत्नी सविता देवी घर में बाहर से ताला लगाकर खेत में निदाई करने चली गई थीं। लगभग 11.45 बजे जब वह वापस घर पहुंचीं तो दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखने पर आलमारी खुली मिली और लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा 10 हजार रुपये नकद गायब थे।

रिपोर्ट पर सीपत पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सीपत ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों और चोरी गए सामान की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान बीट आरक्षकों को मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही दिनेश सोनवानी, निवासी दर्राभाठा को घटना के समय प्रार्थी के घर के आसपास देखा गया था। पुलिस ने उसकी पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई, जिसमें उसके पूर्व में चोरी के मामले में चालान होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी चोरी से इनकार करता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रार्थी और उसकी पत्नी के घर से बाहर जाने के बाद उसने घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली। पकड़े जाने के डर से उसने चोरी के आभूषण अपनी सहयोगी सनिता कौसले, निवासी रामा केयर अस्पताल बिलासपुर, के पास छिपा दिए थे।

आरोपी दिनेश सोनवानी और महिला आरोपी सनिता कौसले की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 7.66 ग्राम सोने के जेवर और 361 ग्राम चांदी के जेवर बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सीपत पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण रही, जिसके चलते वारदात के 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा करते हुए चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी की गई।