भारतीय पासपोर्ट, आधार, पैन और वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज मिले; एनटीपीसी सीपत में 19 साल से कर रहा था नौकरी
बिलासपुर। बांग्लादेश से करीब 20 साल पहले भारत आए एक व्यक्ति को स्पेशल टास्क फोर्स और बिलासपुर पुलिस ने सरकंडा क्षेत्र से पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी अतीक हुसैन (42) ने अपनी पहचान छिपाकर बिलासपुर में रहते हुए भारतीय पहचान के कई दस्तावेज बनवा लिए थे। वह वर्ष 2007 से एनटीपीसी सीपत में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके किराए के मकान से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस सहित कई दस्तावेज जब्त किए हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की जांच के दौरान 23 लोगों को पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद उन्हें रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी कार्रवाई के दौरान अतीक पुलिस के हाथ नहीं लगा और फरार हो गया था। इसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स उसकी तलाश में जुटी थी।
सूर्या विहार कॉलोनी में तड़के दबिश
पुलिस को सूचना मिली कि अतीक सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। इसके बाद टीआई संजय शिंदे ने गोपनीय तरीके से उसके आने-जाने और ठिकाने की जानकारी जुटाई। 24 सितंबर को सुबह करीब 5 बजे एसटीएफ नोडल अधिकारी एएसपी रश्मीत कौर चावला के नेतृत्व में टीआई संजय शिंदे, जिला विशेष शाखा के एसआई नरेंद्र सिंह, आरक्षक कमल साहू और अभिषेक यादव की टीम ने सरकंडा स्थित सूर्या विहार कॉलोनी के एक मकान में दबिश देकर अतीक को पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम अतीक हुसैन पिता स्व. मोहम्मद हुसैन, निवासी ग्राम नाईखोने, थाना अरैहजार, जिला नारायणगंज, ढाका, बांग्लादेश बताया। पुलिस के अनुसार उसने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत आने की बात स्वीकार की है।
तमिलनाडु से बिलासपुर पहुंचा, 19 साल से कर रहा था काम
पुलिस के मुताबिक अतीक वर्ष 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहा। इसके बाद वर्ष 2007 में बिलासपुर आया और बीईसीओ लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एनटीपीसी सीपत में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम शुरू किया। पिछले करीब 19 वर्षों से वह इसी काम से जुड़ा हुआ था। इतने लंबे समय तक शहर में रहने के दौरान उसकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में सामने नहीं आई।
भारतीय पासपोर्ट समेत कई दस्तावेज जब्त
पुलिस को उसके किराए के मकान से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और 9वीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज मिले हैं। पुलिस के अनुसार अतीक ने पूछताछ में इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है।
पुलिस का कहना है कि उसने वर्ष 2018 में भारतीय पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद आधार, पैन और वोटर आईडी सहित अन्य दस्तावेज तैयार कराए। पुलिस के अनुसार उसके पास मंगला क्षेत्र के एक निजी स्कूल की 9वीं कक्षा की कथित फर्जी अंकसूची भी मिली है। दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों की भी पुलिस पतासाजी कर रही है।
विदेशी जासूसी के एंगल से भी जांच
अधिकारी अतीक के पिछले करीब 20 वर्षों के संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रहे हैं। वह बिलासपुर में किन लोगों के संपर्क में था, किससे बातचीत करता था और उसकी गतिविधियां क्या थीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस विदेशी जासूसी से जुड़े संभावित एंगल की भी जांच कर रही है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अतीक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ उसे बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया कर रही है। उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। साथ ही भारत में स्थित संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना देने की प्रक्रिया की जा रही है।
1162 संदिग्धों की जांच
पुलिस के अनुसार बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में अब तक 1162 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 23 संदिग्धों को 4 सितंबर को रायपुर होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। जांच में 18 लोगों के दस्तावेज भारतीय पाए जाने पर उन्हें रिहा किया गया, जबकि 5 लोगों के दस्तावेजों की जांच जारी बताई गई है।
इससे पहले भी बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र से पहचान बदलकर रहने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों सुब्रत शर्मा उर्फ सागर और हृदय कुमार शर्मा को पुलिस और स्पेशल ब्रांच की टीम पकड़ चुकी है।
पुलिस ने जारी किया टोल फ्री नंबर
पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे लोगों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह हो अथवा कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। पुलिस के अनुसार अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।