
पोर्टल में तकनीकी खराबी से अटकी प्रक्रिया, नए कार्ड और इलाज के लिए अस्पताल-दफ्तर के चक्कर लगा रहे लोग
बिलासपुर। प्रदेश में पिछले 17 दिनों से आयुष्मान कार्ड बनाने का काम ठप पड़ा है। पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इससे जरूरतमंदों को अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। रोजाना 5 से 7 लोग कार्ड बनवाने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, इलाज या अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत वाले पात्र परिवारों के सामने आयुष्मान योजना का लाभ लेने की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में कुछ लोगों को इलाज का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है।
राशन कार्ड के डेटा से जुड़ी तकनीकी समस्या
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के स्तर पर वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के तहत डेटा को केंद्रीयकृत करने और API लिंकिंग का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान राशन कार्ड के डेटाबेस को केंद्रीय स्तर पर अपडेट और मर्ज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी वजह से आयुष्मान पोर्टल पुराने डेटा से लिंक नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर नए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर पड़ा है।
एक सप्ताह से लगा रहे चक्कर
एक प्रभावित ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार सर्वर चालू होने पर कार्ड बनाने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इसी तरह एक और व्यक्ति भी नया कार्ड बनवाने के लिए सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उनका कार्ड नहीं बन सका।
तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार
आयुष्मान कार्ड योजना के प्रभारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि कार्ड बनाने के लिए उपयोग होने वाला पोर्टल बंद है। इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद ही कार्ड बनाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकेगी।
पोर्टल बंद होने से नए आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले लोगों के साथ उन परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है, जिन्हें इलाज के लिए इस योजना की जरूरत है। फिलहाल लोगों को पोर्टल शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है।