बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशन कल्याण संघ ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया। धरना समाप्त होने के बाद पेंशनरों ने रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में जिलेभर से बड़ी संख्या में पेंशनभोगी शामिल हुए।
संघ की प्रमुख मांगों में हर वेतन आयोग में पेंशन संशोधन सुनिश्चित करना, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को शामिल करना और आयोग की सिफारिशों में देरी को देखते हुए पेंशनरों को अंतरिम राहत देना शामिल है। इसके अलावा डीए/डीआर के 50 प्रतिशत हिस्से को वेतन-पेंशन में मर्ज करने, 10 वर्ष 8 माह बाद कम्यूटेशन बहाल करने तथा पेंशन में समानता और पारिवारिक पेंशन दरों में सुधार की मांग की गई।
संघ ने एनपीएस और यूपीएस समाप्त कर केंद्र, राज्य, पीएसयू और स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन सहित पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने तथा PFRDA बिल रद्द करने की मांग भी रखी। कोरोना काल में रोके गए 18 महीने के डीए/डीआर एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे और हवाई टिकट में 50 प्रतिशत छूट बहाल करने तथा राज्य सरकार के पेंशनरों को केंद्र के पेंशनरों के समान डीए देने की मांग की गई।
पेंशनरों ने सार्वजनिक और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और निश्चित मेडिकल भत्ते में वृद्धि की मांग की। इसके साथ ही 65 से 75 वर्ष की उम्र तक हर 5 वर्ष में पेंशन में 10 प्रतिशत तथा 80 वर्ष के बाद हर 5 वर्ष में 20 प्रतिशत वृद्धि और पेंशनरों की शिकायतों के समाधान के लिए वरिष्ठ नागरिकों का वैधानिक राष्ट्रीय आयोग गठित करने की मांग रखी गई।
संघ ने कहा कि पेंशनरों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई।
धरना प्रदर्शन में जानकी प्रसाद शुक्ला, पुष्पा अवस्थी, प्रांतीय संरक्षक आरपी शर्मा, सचिव, सीके थवाईत, कोषाध्यक्ष, गौकरण प्रसाद शर्मा सहित छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा अध्यक्ष चन्द्रशेखर पाण्डेय और महामंत्री डॉ. सुनील कुमार यादव सहित सैकड़ों पेंशनभोगी मौजूद रहे।