बिलासपुर। लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है। परिवहन विभाग ने ऐसा ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है, जिसमें लर्निंग लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक को सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन से जुड़े 10 छोटे वीडियो देखने होंगे। इसके बाद इन्हीं वीडियो पर आधारित 10 सवाल पूछे जाएंगे। कम से कम 6 सवालों के सही जवाब देने पर ही लर्निंग लाइसेंस जारी करने की अनुमति मिलेगी।

यह सिस्टम फिलहाल दुर्ग जिले में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। हालांकि मौजूदा नियमों में लर्निंग लाइसेंस से पहले इस तरह की परीक्षा का प्रावधान नहीं होने के कारण इसे अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सामने तैयार किए गए 10 वीडियो का प्रेजेंटेशन भी दिया है। नियमों में संशोधन होने के बाद इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जा सकता है।

दुपहिया, कार और भारी वाहनों के लिए अलग वीडियो

प्रस्तावित व्यवस्था में केवल सामान्य सड़क सुरक्षा के वीडियो नहीं होंगे, बल्कि अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग वीडियो तैयार किए गए हैं। दुपहिया, कार जैसे हल्के मोटर वाहन और भारी वाहनों के संचालन से जुड़े जरूरी बिंदुओं को चरणबद्ध तरीके से समझाया जाएगा।

कार के उदाहरण से समझें तो वीडियो में वाहन स्टार्ट करने से पहले की जाने वाली जरूरी जांच बताई जाएगी। इसमें चारों टायरों में हवा की स्थिति देखना, कार का दरवाजा खोलने से पहले आसपास देखना, वाहन के अंदर कोई चूहा, छिपकली या अन्य जीव तो नहीं है इसकी जांच करना, सीट पर बैठने के बाद गियर की स्थिति देखना, गियर को न्यूट्रल में रखना, पानी का स्तर जांचना और साइड व पीछे के शीशों को सही दिशा में सेट करने जैसे छोटे-छोटे जरूरी कदम शामिल हैं। इसके बाद के वीडियो में वाहन चलाने और सड़क पर सुरक्षित तरीके से संचालन से जुड़े अन्य चरण बताए जाएंगे।

वीडियो देखने पर भी रहेगी नजर

सिस्टम में यह व्यवस्था भी की गई है कि आवेदक केवल वीडियो चलाकर उसे बिना देखे आगे नहीं बढ़ सके। सिस्टम आवेदक की आंखों और पलक की गतिविधियों को रीड करेगा। कुछ समय तक आंखों की गतिविधि नहीं मिलने पर सिस्टम संकेत देगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आवेदक वास्तव में वीडियो देख रहा है या नहीं।

दुर्ग में फिलहाल जागरूकता के लिए इस्तेमाल

दुर्ग में लर्निंग लाइसेंस के आवेदकों को कंप्यूटर स्क्रीन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े वीडियो दिखाए जा रहे हैं। फिलहाल इसका उद्देश्य आवेदकों को जागरूक करना है। इसे लर्निंग लाइसेंस की अनिवार्य परीक्षा के तौर पर लागू नहीं किया गया है।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के मुताबिक, लर्निंग लाइसेंस बन जाने के बाद भी कई लोगों को वाहन की बुनियादी जानकारी और सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों का पर्याप्त ज्ञान नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए वीडियो तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है और नियमों में संशोधन होने के बाद इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जा सकेगा।