पुराना बस स्टैंड में कार्रवाई के कुछ घंटे बाद फिर खुल गईं दुकानें, आबकारी विभाग ने एसडीएम कोर्ट भेजे प्रकरण; 10 महीने में 893 लोगों से 5340 लीटर शराब जब्त

बिलासपुर। आबकारी विभाग की कार्रवाई और जुर्माने के बाद भी अवैध चखना दुकानें चलाने तथा खुलेआम शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले संचालकों पर अब सख्ती की तैयारी है। पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में 10 अवैध चखना दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सील किया गया था, लेकिन विभागीय टीम के लौटने के कुछ घंटे बाद ही दुकानें फिर खुल गईं। बार-बार कार्रवाई के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर आबकारी विभाग ने अब संबंधित संचालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी के प्रकरण पूर्व रिकॉर्ड के साथ एसडीएम कोर्ट भेजे गए हैं।

आबकारी विभाग ने पहले पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में चखना दुकानों के संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(च) के तहत कार्रवाई कर जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद दुकानें दोबारा खुलने से विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। इसे गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त नवनीत तिवारी ने निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को संबंधित संचालकों के खिलाफ प्रकरण तैयार कर एसडीएम कोर्ट भेजने के निर्देश दिए। विभाग के पास सीधे जेल भेजने का अधिकार नहीं है, इसलिए अब प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल की जा रही है।

10 संचालक चिन्हित, दूसरे क्षेत्रों में भी तैयार हो रही सूची

आबकारी विभाग ने पुराना बस स्टैंड सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से चखना दुकानें चलाने और शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले 10 संचालकों को चिन्हित किया है। इनमें विकास एंथोनी, मोहम्मद, मिलन छाबड़ा, संदीप मिश्रा, बलराम अहिरवार, सतीश जायसवाल, अंकित मिश्रा, दीपू पासी, अवधेश गोयल और जितेंद्र छाबड़ा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा शनिचरी, अशोक नगर, भाटचौरा, पचपेड़ी, जोंधरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे संचालकों की सूची तैयार की जा रही है।

10 महीने में 893 लोगों पर कार्रवाई, 5340 लीटर शराब जब्त

आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में 893 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5340 लीटर शराब जब्त की गई है। इसी अवधि में 601 होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं, सिल्वर ऑक बार को नियमों के उल्लंघन के मामले में दो बार 7-7 दिनों के लिए सील किया जा चुका है।

लाइसेंसी अहाते के बावजूद अवैध चखना दुकानों पर सवाल

आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नवनीत तिवारी ने बताया कि शराब दुकानों के बाहर शराब पीने के लिए लाइसेंसी अहातों की व्यवस्था है। इसके बावजूद कुछ संचालक अवैध रूप से चखना दुकानें चलाकर लोगों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन बंद नहीं हुआ है। इसलिए संबंधित संचालकों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट के माध्यम से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर जेल भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।