बिलासपुर। रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर परिसर में 22 अगस्त को हुए विवाद और मारपीट के मामले में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा जिला बिलासपुर ग्रामीण ने अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल रतनपुर की महामंत्री रेहाना बेगम को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। वहीं, मंदिर परिसर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कांग्रेसी अध्यक्ष वाले महामाया मंदिर ट्रस्ट ने चार दुकानदारों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर दुकानें हटाने के निर्देश दिए हैं।
22 अगस्त को मंदिर परिसर में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ा। इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच पूरी होने तक पद से हटाया
भाजपा जिला बिलासपुर ग्रामीण की ओर से 28 अगस्त को जारी आदेश में बताया गया कि मंदिर परिसर में हुए व्यक्तिगत विवाद का वीडियो सामने आने और रतनपुर थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
संगठन के अनुसार, मामले की जांच निष्पक्ष रूप से चल सके और जांच प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न आए, इसके उद्देश्य से रेहाना बेगम को जांच अवधि पूरी होने तक अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल रतनपुर के महामंत्री पद की जिम्मेदारी से पदमुक्त किया गया है।
चार दुकानदारों को दुकानें हटाने के निर्देश
इधर, सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट रतनपुर ने परिसर में दुकान संचालित करने वाले भागवत उर्फ राहुल पटेल, ईश्वर प्रधान, चिंकी प्रधान और राजू शर्मा को नोटिस जारी किया है। ट्रस्ट ने चारों को सात दिनों के भीतर मंदिर परिसर में संचालित अपनी दुकानें हटाने के निर्देश दिए हैं।
ट्रस्ट का कहना है कि विवाद के दौरान संबंधित लोगों के बीच गाली-गलौज हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इससे मंदिर परिसर का माहौल प्रभावित हुआ और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि में दुकानें नहीं हटाई गईं तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस की जांच भी जारी है।