पूरी रकम लेकर 1,858 वर्गफीट जमीन बेची, फिर 3,270 वर्गफीट का भूखंड बेटी को कर दिया दान; तीसरे पक्ष को बेचने की थी तैयारी

बिलासपुर। जमीन बेचकर पूरी रकम लेने के बाद उसी जमीन को बेटी के नाम दान करने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला डॉक्टर की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने 86 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण नहीं होने का फायदा उठाकर उसे बेटी के नाम दान कर दिया गया। इसके बाद जमीन का सीमांकन कराकर तीसरे पक्ष को बेचने की तैयारी की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, तेलीपारा स्थित मेडिकल कॉम्प्लेक्स निवासी डॉ. अनिता अग्रवाल, पति प्रवीण गोयनका का वर्ष 2021 में गुरुद्वारा के पास रहने वाले मंगल सिंह से परिचय हुआ था। उन्होंने ग्राम सिरगिट्टी स्थित खसरा नंबर 1030/3 की 1,858 वर्गफीट जमीन मंगल सिंह से खरीदी थी। डॉक्टर ने जमीन की पूरी कीमत चुकाने के बाद उसका कब्जा भी ले लिया। विक्रेता के आश्वासन पर उन्हें भरोसा था कि जमीन का नामांतरण हो जाएगा।

राजस्व रिकॉर्ड में बेटी का नाम देखकर हुआ खुलासा

कुछ समय पहले डॉ. अनिता ने राजस्व रिकॉर्ड की जांच की तो जमीन पर उनका नाम दर्ज नहीं मिला। रिकॉर्ड में तकनीकी कारणों से नामांतरण निरस्त होने की जानकारी दर्ज थी। इसके बाद उन्होंने राजस्व कार्यालय से जानकारी जुटाई तो पता चला कि मंगल सिंह ने खसरा नंबर 1030/3 की कुल 3,270 वर्गफीट जमीन 27 अगस्त 2024 को अपनी बेटी रीता गांधी, निवासी दयालबंद, के नाम दान कर दी थी। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में रीता गांधी का नाम दर्ज हो गया।

सीमांकन कराकर जमीन बेचने की तैयारी

शिकायत के अनुसार, राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद रीता गांधी ने जमीन का सीमांकन कराने के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि पिता-पुत्री जमीन को किसी तीसरे पक्ष को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर डॉ. अनिता ने आपत्ति जताई, लेकिन आरोपियों की ओर से टालमटोल किए जाने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

डॉ. अनिता ने जमीन की खरीद से संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस को आवेदन दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मंगल सिंह और उनकी बेटी रीता गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।