पंचकूला के सरकारी स्कूल में KG की 6 वर्षीय बच्ची से मारपीट के मामले में आरोपी बच्चे के व्यवहार में बदलाव के पीछे मोबाइल गेम्स की लत और परवरिश में माता-पिता की अनदेखी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।


सोमवार को चंडीगढ़ में PGI के साइकेट्रिक एक्सपर्ट्स ने बच्चे का मेंटल असेसमेंट किया। सूत्रों के मुताबिक, इसमें बच्चे में दो तरह के डिसऑर्डर के लक्षण सामने आए। इनमें अर्ली ऑनसेट कंडक्ट डिसऑर्डर और इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर शामिल हैं।


बच्चा फिलहाल 31 अक्टूबर से अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम में है। साइकेट्रिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को भेज दी गई है। अब बोर्ड आगे की कार्रवाई तय करेगा। हालांकि उसकी बेशर्मी और ढिढाई कम नहीं हुई है। उसने इस मामले में कहा कि उसे उस दिन बहुत गुस्सा आ गया था और वह उस बच्ची से मिलकर सॉरी बोलकर मामले को निपटा लेगा।


दो तरह के डिसऑर्डर के लक्षण मिले


अर्ली ऑनसेट कंडक्ट डिसऑर्डर


बच्चे के व्यवहार में चार तरह की समस्याएं सामने आती हैं। इसमें दूसरों को नुकसान पहुंचाना, चोरी या धोखा देना, नियमों का पालन नहीं करना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है। इस डिसऑर्डर में बच्चे को अपने किए पर पश्चाताप या दुख महसूस नहीं होता। पूछताछ के दौरान बच्चे ने कहा था कि लड़की मिलेगी तो वह उससे सॉरी बोल देगा। वहीं, 28 अक्टूबर को घटना के दिन जब बच्ची का पिता उसे ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे थे तो बच्चे ने कहा था कि ऊपर किसी ने उसके साथ मारपीट की है। इस डिसऑर्डर में बच्चे को बाद में याद नहीं रहता कि उसने क्या किया है।


इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर


इसमें बच्चे को अचानक किसी बात पर बहुत तेज गुस्सा आता है। इस दौरान वह दूसरों के साथ मारपीट कर सकता है, गाली-गलौज कर सकता है और चीजें तोड़ सकता है। ऐसे मामलों में मूड को स्थिर रखने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना पड़ता है।


सूत्रों के मुताबिक, ऑब्जर्वेशन होम में भी बच्चे को जिस कमरे में रखा गया है, उसमें ऐसी कोई चीज नहीं छोड़ी गई जिससे बच्चा किसी को या खुद को नुकसान पहुंचाए।


IQ से लेकर बिहेवियर प्रॉब्लम जांची गई


सोमवार को अस्पताल बच्चे का IQ टेस्ट किया गया। इसके अलावा बिहेवियर प्रॉब्लम और फैमिली प्रॉब्लम का आकलन किया गया। बच्चे की मां के गर्भधारण करने के समय से लेकर अब तक की हिस्ट्री भी तैयार की गई। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई कि बच्चे की परवरिश किस तरह हुई और उसके व्यवहार में बदलाव के पीछे क्या कारण रहे।


सूत्रों के मुताबिक, काउंसिलिंग के दौरान माता-पिता की तरफ से बच्चे की अनदेखी की बात भी सामने आई है। इसके अलावा मोबाइल गेम्स की लत को उसके व्यवहार में बदलाव का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। बच्चा मोबाइल गेम्स का एडिक्ट था।


जांच कमेटी ने स्टाफ के बयान दर्ज किए


सोमवार को शिक्षा विभाग की जांच कमेटी स्कूल में उस क्लासरूम में पहुंची, जहां बच्ची से मारपीट हुई थी। कमेटी ने क्लास टीचर्स, स्कूल इंचार्ज और गार्ड के बयान भी दर्ज किए। शिक्षा विभाग ने स्कूल के सभी टीचरों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। वहीं, हमले में घायल बच्ची अब खतरे से बाहर है।