बिलासपुर। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर से अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटन की नई शुरुआत होने जा रही है। रिजर्व के केंवची गेट से पहली बार बफर सफारी शुरू होगी। इसके लिए 50 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप सुबह 8 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अचानकमार और बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शुरू होने वाली सफारी का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू होगी।


मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व का केंवची गेट अब तक पर्यटकों के लिए बंद था। इस साल पहली बार यहां से बफर सफारी शुरू की जा रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से अमरकंटक जाने वाले नेशनल हाईवे-45 पर स्थित इस गेट से 50 किलोमीटर का सफारी रूट बनाया गया है। इसमें भैरोसांगफाटर, सेमर वॉच टावर, कचांदी रोड, जलांगो तिराहा, दरियाबूट पेट्रोलिंग कैंप और आमाडोब बैरियर शामिल हैं।


सफारी के लिए एक जिप्सी 3500 रुपये और 3 महारानी वाहन 5000 रुपये प्रति राउंड की दर से उपलब्ध रहेंगे। अचानकमार के शिवतराई गेट से पहले से ही सफारी संचालित हो रही है। नए गेट के खुलने से पर्यटकों को जंगल के एक नए हिस्से को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।


बाघ, तेंदुआ और बाइसन देखने का मिलेगा मौका


सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल, सांभर, सोनकुत्ता और जंगली सूअर जैसे वन्यजीव देखने का मौका मिल सकता है। मनियारी नदी में ऊदबिलाव भी आकर्षण का केंद्र होंगे। माझी डोंगरी वॉच टावर से जंगल का विहंगम दृश्य दिखाई देगा, जबकि जल्दा ग्रासलैंड में बाइसन देखने का अवसर मिलेगा।


स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते


नई सफारी शुरू होने से आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। जिप्सी संचालन, गाइड, होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के जरिए ग्रामीणों को आय का नया साधन मिलेगा। 914.017 वर्ग किलोमीटर में फैले अचानकमार टाइगर रिजर्व में 626.195 वर्ग किलोमीटर कोर जोन और 287.822 वर्ग किलोमीटर बफर जोन है।


पर्यटकों के ठहरने के लिए केंवची गेट के नजदीक पर्यटन विभाग का सोनभद्र रिसॉर्ट और कई निजी रिसॉर्ट भी उपलब्ध हैं। केंवची गेट से सफारी शुरू होने के बाद अचानकमार आने वाले पर्यटकों को जंगल घूमने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा।