फर्जी दस्तावेज के सहारे कर्ज लेकर बैंक के साथ 89 लाख रुपए की ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार , पुलिस कर रही रिकवरी का प्रयास

आलोक मित्तल

विजय माल्या और नीरव मोदी ही बैंक को चुना लगाकर नहीं भागे बल्कि गांव में रहने वाले भी बैंक को चुना लगा रहे हैं। चकरभाटा थाना क्षेत्र स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से लोन लेकर उसे ना पटाने के लिए तमाम पैंतरे आजमाने वाले पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में बैंक मैनेजर विजय दिनकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों द्वारा पर्सनल लोन झूठे दस्तावेज पेश कर लिए गए थे । 89 लाख रुपए की ठगी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में जुट गई। पता चला कि लोन लेते वक्त अपनी सही जानकारी छुपाते हुए फर्जी निवास प्रमाण पत्र और गलत कार्य स्थल का पता बैंक को दिया गया था, जिस वजह से आरोपियों को ढूंढना पुलिस के लिए भी आसान नहीं था । आरोपियों की तलाश में पुलिस ने जगह-जगह दबिश दी। इस मामले में चकरभाटा पुलिस ने ग्राम नरोति कापा कोटा निवासी 50 वर्षीय ज्ञानदास मरसा, रामकुमार खांडे, कुदुदंड बिलासपुर निवासी 38 वर्षीय मदनलाल कुलमित्र, सागर दीप कॉलोनी बिलासपुर निवासी 44 वर्षीय प्रदीप राव और पेंड्रा पुरानी बस्ती निवासी 35 वर्षीय रियाज खान को गिरफ्तार किया है, जिनके बैंक खाते से करीब 15 लाख रुपए कर्ज देने वाले बैंक के खातों में जमा कराए गए हैं। इस मामले में कुछ और आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाने और बैंक के साथ ठगी करने वाले आरोपियों की भी तलाश पुलिस कर रही है।

इस कार्यवाही में बिलासपुर ACCU प्रभारी निरीक्षक हरविंदर सिंह, थाना प्रभारी चकरभाठा मनोज नायक, सउनि ढोलाराम मरकाम, प्रआ प्रवीण पाण्डेय, प्रआ प्रभाकर सिंह, प्रआ आतीश पारीक, प्रआ सिद्धार्थ पाण्डेय, आरक्षक विकास राठौर, गौकरण सिन्हा, नूरुल कादिर, आशीष वर्मा, सतपुरन जांगड़े, त्रिलोक सिंह, दरस यादव, सतीश यादव का योगदान रहा।

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