बड़े कापसी का प्राथमिक शाला भवन जर्जर।

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पखांजुर से बिप्लब कुण्डू

कोरोना काल मे दो साल स्कूल बंद होने के बाद अब जब 2021 में स्कूल खुलने लगी ग्राम बड़े कापसी स्थित प्राथमिक शाला स्कूल भवन कई वर्षों से जजर्र होने के चलते स्कूल के छात्र स्कूल परिसर के पेड़ नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। वर्षा के दौरान इन छात्रों को किचन में धुएं में बैठ कर पड़ना होता है।
छोटेकापसी कोरोना काल मे दो साल स्कूल बंद होने के बाद अब जब 2021 में स्कूल खुलने लगी ग्राम बड़े कापसी स्थित प्राथमिक शाला स्कूल भवन कई वर्षों से जजर्र होने के चलते स्कूल के छात्र स्कूल परिसर के पेड़ नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। वर्षा के दौरान इन छात्रों को किचन में धुएं में बैठ कर पड़ना होता है।
तीन साल पहले शाला मरम्मत के लिए पंचायत को राशि भी जारी की गई पर भवन इतना जजर्र हो की मरम्मत का काम ही नहीं हो पाया। विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्राम बड़े कापसी स्थित प्राथमिक शाला भवन काफी जजर्र होने के चलते बच्चों को पेड़ की नीचे बैठ पढ़ाई करना पड़ रहा है। छात्र पेड़ के नीचे बैठ पढ़ाई कर रहे है। विभाग के अधिकारियों को जानकारी होने पर भी इस समस्या की ओर विभाग कोई ध्यान ही नहीं दे रहा। पहले तो इस भवन में यह समस्या केवल वर्षा के दौरान ही हुआ करता था। पर भवन में मरम्मत के नाम पर आई राशि से भवन की एसी मरम्मत हुई की अब तो साल भर कक्षा पेड़ के नीचे लग रही है। तीन साल पहले इस भवन की मरम्मत के लिए पंचायत को एक लाख 15 हजार की राशि भी जारी की गई और सरंपच द्वारा काम भी शुरू कराया गया। स्कूल भवन की टपकती हुई छत के सुधार के लिए छत के उपरी हिस्से को तोड़ कर निकाल दिया गया, पर यह भवन इतना जजर्र हो चुका था। इस भवन पर नई छत ढलाई से इस पुराने भवन के गिरने की संभावना को देखते हुए काम अधूरा ही छोड़ दिया गया। इसके बाद से तो इस स्कूल भवन की स्थिति और भी खराब हो गई है।
तीन साल से उपर से खोदी गई छत के चलते वर्षा के दौरान पूरा पानी स्कूल भवन के अंदर ही आता है। ग्राम पंचायत बड़े कापसी की सरपंच सरिता नाग ने बताया कि इस भवन की मरम्मत नहीं हो सकता। पूर्व में इसके लिए पंचायत को जो राशि आई थी उससे कुछ काम कराया भी गया पर भवन की दीवारों में बड़ी बड़ी दरार आ गई है। जिससे छत डालने से भवन ही गिर सकाता है। ऐसे में पंचायत ने मरम्मत काम अधूरा ही छोड़ दिया है। यहां नए शाला भवन की आवश्यकता है। इस संबध में विधायक को भी अवगत कराया गया है। विधायक स्वयं स्कूल भवन भी देख चुके है ताकि शासन की ओर से नया शाला भवन मिल सके। शाला की प्रधान पाठिका आरती मंडल ने बताया कि स्कूल भवन जर्जर हालत में होने की वजह से बच्चों को मजबूरी में पेड़ के नीचे बैठा कर पढ़ना पड़ता है। पंचायत और विभाग को इसकी जानकारी दे दी गई है।

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