90 गांव के ग्रामीणों ने आमाबेड़ा में क्यों निकाली जन आक्रोश रैली आमाबेड़ा में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आक्रोश रैली निकाली. ग्रामीणों ने तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा.

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पखांजुर से बिप्लब कुण्डू

जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के 90 गांव के ग्रामीणों ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आक्रोश रैली निकाली. जिसमें क्षेत्र की समस्याएं, सिलगेर मामला, कृषि कानून वापस और पेसा कानून लागू करने की मांग की है. ग्रामीणों ने आमाबेड़ा यादव भवन से तहसील ऑफिस तक 2 किमी तक पैदल यात्रा निकाला. जिसके बाद ग्रामीणों ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा.

आमाबेड़ा में क्यों निकाली जन आक्रोश रैली ?
आमाबेड़ा मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज

बता दें कि आमाबेड़ा एक सुदूर अंचल क्षेत्र है. जंहा आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज है. ग्रामीण हर 2 माह में रैली और धरना कर आमाबेड़ा में प्रदर्शन करते है. स्थानीय प्रशासन सुध नहीं लेता है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीजेपी की सरकार हो या कांग्रेस की सरकार हो लागातर हम आंदोलन करते आ रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ध्यान ही नहीं दे रहा है.
क्या है ग्रामीणों की मांग।
आमाबेड़ा को ब्लॉक का दर्जा तथा अंतागढ़ को जिला बनाया जाए.
अमाबेड़ा से अंतागढ़, अमाबेड़ा से कांकेर तथा अमाबेड़ा से अरा होते हुए नारायणपुर के स्वीकृत हुए मुख्य मार्गो को तत्काल गुणवत्तापूर्ण बनाई जाए.
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं लोक निर्माण विभाग के द्वारा निर्माण किए जाने वाले सड़कों में गुणवत्ताहीन निर्माण पर ठेकेदार एवं इंजीनियरों के खिलाफ कार्यवाही की जाए.
अमाबेड़ा क्षेत्र के 90 गांव में एक शासकीय महाविद्यालय खोली जाए.
सरकारी नौकरी के भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिया जाए.
धान खरीदी केंद्र उसेली, नागरबेडा, और अर्रा में खोला जाए.
अमाबेड़ा क्षेत्र में रेडी टो ईट फूड समूह को तत्काल राज्य शासन अमाबेड़ा क्षेत्र में नियुक्ति कर आदेशित करें.
बस्तर संभाग में पैसा कानून को लागू किया जाए.
जनपद पंचायत अंतागढ़ में सब इंजीनियर 2 पदों को तत्काल नियुक्ति किया जाए.
धान का समर्थन मूल्य 2500 से 3000 किया जाए.
अमाबेड़ा उप तहसील क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए.
आमाबेड़ा क्षेत्र के अर्रा एवं बंडापाल के बालक बालिकाओं आश्रम खोला जाए.
पांचवी पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा प्रस्ताव के बिना खदान कारखाना एवं पुलिस केंद्र न खोला जाए.
महंगाई डीजल पेट्रोल की कीमत को काबू करें राज्य एवं केंद्र सरकार.
वनोपज से संबंधित वनोपज का समर्थन मूल्य बढ़ाई जाए.
वन अधिकार पट्टा को राजस्व पट्टा में परिवर्तित किया जाए.
अमाबेड़ा प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाई जाए.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमाबेड़ा में एमबीबीएस एवं नर्सों की स्पेशल भर्ती की जाए.
किसान बिल केंद्र सरकार रद्द करें.
आमाबेड़ा में ओपन परीक्षा केंद्र खोला जाए.
क्षेत्र में बेरोजजगार लोगों को रोजगार दिया जाए ।

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