दुर्गा विसर्जन के दौरान गत वर्ष की तरह कोई उपद्रव ना हो इसलिए एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने ली दुर्गा समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक , अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्हें नियमों से कराया गया अवगत

Spread the love

आकाश दत्त मिश्रा

गत वर्ष दुर्गा विसर्जन के समय कोतवाली थाने के सामने हंगामा होने और फिर भाग भाग तेरा बाप आया वीडियो के रिलीज होने से शहर की शांत फिजा में भूचाल आ गया था। शायद यही वजह है कि इस बार दुर्गा विसर्जन से पहले ही बिलासपुर पुलिस पूरी एहतियात बरत रही है। दुर्गा उत्सव के दौरान पिछले वर्ष की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसलिए कोतवाली थाना में बिलासपुर के दुर्गा उत्सव समितियों के अध्यक्षो के साथ एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने महत्वपूर्ण बैठक ली, जहां उन्हें आगामी दुर्गा विसर्जन के दौरान किन नियमों का पालन करना है उससे अवगत कराया गया। उन्होंने व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि सदर बाजार से लेकर कोतवाली चौक तक सड़क चौड़ी है इसलिए दुर्गा समिति विसर्जन झांकी को लेकर आराम से आ सकते हैं लेकिन इसके बाद सड़क संकरी हो जाती है और सिंगल सड़क होने के कारण यहां जाम लगता है और यही कारण है कि यहां विवाद और तनाव की स्थिति बनती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समिति का कोई भी सदस्य शराब का सेवन कर विसर्जन के लिए ना निकले। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर समिति का कोई भी सदस्य शराब के नशे में पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने दुर्गा समितियों से सहयोग मांगते हुए कहा कि पुलिस के पास संख्या बल की कमी है और दुर्गा विसर्जन हिंदू समाज का ही कार्यक्रम है इसलिए दुर्गा समितियों को स्वयं आगे बढ़कर सहयोग प्रदान करते हुए अनुशासन बनाना होगा । उन्होंने दुर्गा समितियों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा कि दुर्गा विसर्जन के दौरान शांति सौहार्द और अनुशासन बनाए रखने वाली समिति के सदस्यों और सहयोगियों को पुलिस के द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। इस दौरान पिछले वर्ष की घटना का भी जिक्र आया, जब दो समितियों के बीच विसर्जन के लिए आगे जाने की लड़ाई विवादित बन गई। पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने के बाद कुछ उद्दंड लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया और फिर तत्कालीन कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी उनके पीछे डंडा लेकर भागे। लेकिन असली बवाल तो तब हुआ जब इसका किसी ने सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो बनाकर डाल दिया, जिसने शहर की शांत फिजा में उबाल ला दिया।

एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने कहा कि पूरा प्रयास यही होना चाहिए कि उस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो। उन्होंने दुर्गा समितियों से यह निवेदन भी किया कि रास्ते में पड़ने वाले अस्पतालों के पास डीजे साउंड की तीव्रता कम रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिला प्रशासन द्वारा डीजे और झांकी की अनुमति नहीं दी गई है लेकिन उन्हें पता है कि समितियां फिर भी नहीं मानेंगे, इसलिए अगर डीजे के साथ दुर्गा विसर्जन के लिए समिति के सदस्य निकलेंगे तो उनसे यही अपेक्षा है कि वे डीजे की ध्वनि निर्धारित स्तर पर ही रखें। बिलासपुर में 100 से अधिक दुर्गा समितियों द्वारा प्रतिमा स्थापित की गई है, तो वही बिलासपुर में छठ घाट और कुछ समितियों द्वारा खुटाघाट में भी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। लेकिन अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन पचरी घाट में ही होता है और प्रतिमाएं कोतवाली थाने के सामने से गुजरती है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में शांति बहाली और व्यवस्था बनाने के मकसद से एडिशनल एसपी उमेश कश्यप के नेतृत्व में कोतवाली सीएसपी और अन्य अधिकारियों ने यह अहम बैठक की, जिसमें अधिकांश दुर्गा समितियों के अध्यक्ष भी शामिल हुए और उन्होंने पुलिस के साथ इस मुद्दे पर सहयोग करने पर सहमति दी।

error: Content is protected !!