आजादी के 7 दशक बाद भी ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और गंदे दूषित पानी पीने के लिए हो रहे मजबूर है ग्रामीण।

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पखांजुर से बिप्लब कुण्डू

एंकर मामला बता दें कि कांकेर जिले के अंतिम छोर ग्राम पंचायत छोटेबिटिया का आश्रित गांव पी, व्ही 94 अचिनपुर टेकरा पारा का हैं जहां की इस गांव अंदरूनी क्षेत्र है और इस गांव में लोग अपने जीवन यापन के लिए पानी की जरूरत होती हैं लेकिन इस गांव में पानी की इतनी संकट है कि 25/30 परिवार जिसमें 160/170 लोग अपने छोटे छोटे बाल बच्चे के साथ जीवन यापन करते हैं। और इस टिकरा पारा में एक ही हैंड पंप के भोरोसे ग्रामीण जी रहे हैं जिसमें पानी कम हैं और आयरन युक्त गंदा दूषित पानी आते है।

मीडिया के टीम से ग्रामीणों को बात करते हुए ग्रामीणों का पानी की किल्लत से संबंध में महिला मीना बिस्वास ने बताया कि टिकारा पारा में एक ही हैंड पंप है जिसमे से एक या दो बाल्टी पानी मुश्किल से निकालता और फिर 10 /15 मिनट बंद हो जाता हैं, और फिर लंबा लाइन में खड़ा होना पड़ता हैं ऐसे करते हुए पानी निकालते हैं जो कि दुर्गन्ध और आयरन युक्त पानी हैं । इस पानी पीने के कारण बच्चे बीमार पड़ रहा हैं । ग्रामीण हमसे बात करते हुए कहा कि कोई जन प्रतिनिधि ध्यान नही देता ना सरपंच और न ही सचिव सरपंच तो 3/4 महीना में एक बार गांव में आते हैं और किसी का कोई सुध नहीं लेता है और सचिव महोदय भी नहीं आते है। तो हमारे दुःख किसके पास बाया करू। सरपंच को कई बार अवगत करवाया गया हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। सरपंच और जनप्रतिनिधि तो चुनाव के समय ही आते हैं और बड़े बड़े वादा करके चले जाते हैं किन्तु चुनाव जीतने के बाद गांव में दिखता ही नहीं और हमलोगों का सरपंच एवं शासन प्रशासन से मांग है की पी, व्ही,94 अचिनपुर के टिकरा पारा में हैंड पंप जल्द से जल्द लगाया जाए जिससे कि पीने के पानी का समस्या का समाधान हो सके ।

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