महा अष्टमी पर देवी दुर्गा की विशेष पूजा आराधना, शाम होते ही पंडालों में उमड़ रही है दर्शनार्थियों की भीड़

Spread the love

आलोक

शारदीय दुर्गा उत्सव के द्वितीय दिवस यानी महा अष्टमी पर देवी दुर्गा की विशेष पूजा आराधना की गई। बिलासपुर में सार्वजनिक दुर्गा पंडालों में महा अष्टमी पूजा में देवी को 108 कमल के फूल अर्पित किए गए । देवी भक्तों ने भी इस दिन पूजा पंडाल पहुंचकर पूजा आराधना और पुष्पांजलि अर्पित की। बिलासपुर में करीब 100 स्थानों पर सार्वजनिक दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जहां विविध प्रकार से देवी की उपासना कर उन्हें प्रसन्न किया जा रहा। महा अष्टमी पर ही महागौरी स्वरूप में देवी की आराधना की गई तो वहीं मंदिरों और घरों में कुमारी कन्याओं का पूजन किया गया। महा अष्टमी पर हवन में आहुति अर्पित की गई। वहीं शाम के बाद संधी पूजा का आयोजन किया गया।

पूरे बिलासपुर खासकर प्रवासी बंगालियों के इस सबसे बड़े उत्सव को लेकर गजब का उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु नए कपड़े पहन कर सज धजकर पूजा पंडाल पहुंचे, जहां दुर्गा उत्सव का आनंद लेने के साथ पारंपरिक अड्डा में भी लोग शामिल हुए। बिलासपुर में रहने वाले ऐसे ढेरों लोग हैं जो कार्य वश अन्य शहरों में रह रहे हैं। वे भी दुर्गा पूजा पर घर लौटे हैं जिनके लिए पूजा पंडाल अपने परिचित, मित्रों और रिश्तेदारों से मिलने का भी स्थल बन गया है । हालांकि इस वर्ष कोरोना के कारण कई नियम बदले हैं। अधिकांश पंडालों में भोग और प्रसाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं हो रहे हैं। दुर्गा पूजा के दौरान लगने वाले मेले की चमक भी फीकी है। इस बार दशहरे पर होने वाला रावण दहन कार्यक्रम भी नहीं होगा। मगर इस सबके बीच शाम होते ही लोग सड़क पर उतर आते हैं। एक दुर्गा पंडाल से दूसरे दुर्गा पंडाल पहुंचकर देवी के दर्शन के लिए भीड़ उमड़ रही है। बिलासपुर में देवी दुर्गा के पंडालों में की गई सजावट और झांकी देखते ही बन रही है। कोरोना को भूल कर सब दुर्गा उत्सव के आनंद में मगन हो चुके हैं। सभी ने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि आने वाले वर्ष में देश में स्थिति सामान्य हो जाए और देश को कोरोना की महामारी से मुक्ति मिले।

error: Content is protected !!