एक करोड़ से अधिक का गबन करने वाली शातिर बिजली कर्मी गिरफ्तारी के डर से हुई अस्पताल में भर्ती

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विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के नाक के नीचे बैठकर महिला कर्मी करोड़ों का गबन करती रही और किसी को कानों कान इसकी खबर भी नहीं हुई , और जब इस मामले में खुलासा हुआ तो पता चला कि महिला ने एक करोड़ से अधिक की रकम का गबन कर लिया है। बिजली बिल में छूट पाने के लालच में करीब 500 उपभोक्ता उसके चंगुल में फंसकर ठगी का शिकार हो चुके हैं । जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल भारी-भरकम आया था, उन्होंने निर्धारित काउंटर में बिल जमा करने की बजाय महिला क्लर्क प्राप्ति राय भगत से संपर्क किया। पश्चिम डिवीजन कार्यालय में कार्यालय सहायक श्रेणी 3 के पद पर पदस्थ और नेहरू नगर जोन कार्यालय में अटैच प्राप्ति राय भगत ने अपने हुस्न का जादू दिखाते हुए उपभोक्ताओं को झांसे में ले लिया। उसने वक्ताओं को कहा कि उनके भारी-भरकम बिजली बिल में वह कटौती कर देगी। उसके मैं झांसी में आए लोगों ने बिजली बिल में कटौती करने के बाद बिजली बिल की रकम निर्धारित काउंटर में जमा करने की बजाय प्राप्ति रॉय को दे दी। फर्जी रसीद थमा कर महिला कर्मचारी लोगों से पैसा लेती रही लेकिन उसने उसे शासन के खाते में जमा नहीं कराया। छूट के लालच में लोग उसके पास रकम जमा करते रहे और वह उस रकम को अपने पास ही रख लेती। इसके बाद वह कंपनी की लेजर में फर्जी पोस्टिंग दर्शा दिया करती थी । यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एक उपभोक्ता ने भुगतान के बाद भी बिल जमा नहीं होने की शिकायत की। जैसे ही मामला उजागर हुआ शातिर प्राप्ति राय ने तुरंत अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। उसे लगा कि ऐसा कर वह बच जाएगी। शुरुआती जांच में 40 उपभोक्ताओं के बिजली बिल में गड़बड़ी मिलने पर उसने करीब 5 लाख रुपये जमा भी करवा दिये थे । इधर कंपनी ने उसका इस्तीफा अस्वीकार कर उसे नौकरी से निलंबित कर दिया और मामले में जांच करती रही । इस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं । पता चला की प्राप्ति राय ने करीब 500 उपभोक्ताओं को चुना लगा कर 1 करोड़ 9लाख 70 हज़ार रुपये का घोटाला किया है । इस शातिर महिला कर्मी ने विद्युत वितरण कंपनी के साथ शहर के कई बड़े व्यापारी और प्रसिद्ध लोगों को भी चुना लगाया है ।शातिर महिला कर्मी ने अपने मकान के बिजली बिल भी इसी तरह फर्जीवाड़ा से जमा करवाया था। प्राप्ति अपने जोन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को इसी तरह का झांसा देकर गड़बड़ी कर रही थी। इस दौरान शातिर प्राप्ति राय अपने ही सहकर्मियों की आईडी का इस्तेमाल कर कंप्यूटर सेफ सिस्टम में जाकर राशि जमा होने की फर्जी एंट्री कर दिया करती थी। ऐसे में रिकॉर्ड में तो बिजली बिल जमा होना नजर आता था लेकिन वास्तव में राशि कंपनी के अकाउंट में जमा नहीं होती थी। जब इसकी भनक एक उपभोक्ता को लगी तो उसने शिकायत की जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता चला गया। आईटी एक्सपर्ट की मदद से पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब बिजली विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन 500 लोगों ने प्राप्ति राय भगत को फर्जी बिल के जरिए भुगतान किया है उससे बिजली विभाग का कोई लेना देना नहीं है और इन उपभोक्ताओं को दोबारा बिल जमा करना होगा ,नहीं तो उनके कनेक्शन काट दिये जाएंगे। इधर मामले में खुद को घिरता देख और पुलिस का शिकंजा कसता देख शातिर महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह गिरफ्तार होने के डर से जिला अस्पताल में भर्ती हो गई, लेकिन पुलिस कह रही है कि शातिर महिला चाहे जितनी भी चाले चले , अस्पताल से छुट्टी होते ही उसे गिरफ्तार कर कोर्ट पेश किया जाएगा। लोग यह कयास लगा रहे हैं कि प्राप्ति राय भगत अकेले इतना बड़ा घोटाला नहीं कर सकती । मुमकिन है दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी उसके साथ मिले हुए हो। अब पुलिस जांच कर अन्य कर्मचारियों के साथ महिला के पति को भी आरोपी बना सकती है। प्राप्ति राय भगत उपभोक्ताओं से रकम प्राप्त हो करती थी लेकिन उसे सरकार के खजाने में जमा नहीं करती थी शायद उसे यह गुमान था कि वह करोड़ों रुपए का गबन कर आसानी से बच निकलेगी। दावा किया जा रहा है कि गबन की रकम से वह कानूनी दांव पेच आजमाने की जुगत लड़ा रही है। अपराधी चाहे जितना भी शातिर क्यो न हो ।एक न एक उसकी गलती उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। प्राप्ति राय भगत के साथ भी ऐसा ही हुआ।
वैसे भारत में जब भी कोई रसूखदार कानून के फंदे में फंसता है पता नहीं अचानक उसकी तबियत कैसे बिगड़ जाती है। कल तक भली चंगी प्राप्ति राय भगत आज इतनी बड़ी मरीज हो गई है कि अस्पताल के बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही। कानून की गलियों में व्याप्त इन्हीं कमजोरियों का अपराधी फायदा उठाते हैं, लेकिन बकरे की मां आखिर कब तक खैर मनाएगी ?

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