महामाया मंदिर में अब अगरबत्ती जलाना भी हुआ प्रतिबंधित, सीएमओ ने सुनाया फरमान

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शिवम सिंह राजपूत

कोरोना वायरस से निपटने के लिए सभी वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। पिछले दिनों रतनपुर पहुंचे कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी मधुलिका सिंह को भी इस संबंध में व्यापारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश देने का निर्देश मिला था, जिस पर अमल करते हुए सोमवार को सीएमओ मधुलिका सिंह ने ट्रस्ट कार्यालय में महामाया मंदिर मार्ग के सभी व्यापारियों के साथ आपात बैठक की और उन्हें कोरोनावायरस से निपटने के लिए आगामी नवरात्र तक विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए। सभी व्यापारियों को कहा गया कि वे हैंड सैनिटाइजर और फेस मास्क का उपयोग करें। साथ ही इस दौरान पूरे परिसर में बीड़ी सिगरेट यहां तक कि अगरबत्ती का प्रयोग भी प्रतिबंधित होगा। इसे सोमवार से ही लागू कर दिया गया है। हिंदू मान्यताओं में देवी की आराधना में दीप धूप का विशेष महत्व होता है और सभी पूजन सामग्रियों में अगरबत्ती का भी पैकेट जरूर शामिल होता है। पूजा-अर्चना के बाद सभी भक्त देवता के समक्ष अगरबत्ती जला करते थे लेकिन नए नियम के तहत अब ऐसा करना कानूनन अपराध है और नियम तोड़ने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है । बताया जा रहा है कि यह सभी कदम कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए है ।हालांकि इसमें अभी तक अगरबत्ती की क्या भूमिका है यह स्पष्ट नहीं है लेकिन फिर भी जब सरकारी आदेश आ गया है तो फिर व्यापारी भी इस पर अमल करेंगे । सोमवार से पूजन सामग्री के पैकेट में से अगरबत्ती गायब हो गई है । अब आने वाले कई दिनों तक यहां पर अगरबत्ती की खुशबू गायब रहेगी।

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